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प्यार का धोखा

सर्दियों के दिन थे, सर्दियों में गांव का वातावरण बहुत अच्छा लगता है। गांव के बड़े-बुढे एक जगह बैठकर बातें करते हैं, और आपके आग के पास बैठकर सर्दी का मजा लेते हैं।
रमन को गांव में रहना अच्छा लगता है। वह हमेशा यही सोचता था की कभी छुट्टियों में वह गांव में रहने आए लेकिन उसे ऐसा मौका ही नहीं मिला।
गांव के लोग मिलजुल कर रहते हैं, और अपने मेहमानों की मेहमन नवाजी भी बहुत अच्छे से करते हैं।

गांव का माहौल

गांव का वातावरण बहुत शुद्ध और मनोबल होता है वहां जाने के बाद शहर में वापस आने का तो मन ही नहीं करता है। ऐसा ही कुछ रमन के साथ भी होता है।
रमन शहर में अपने माता-पिता के साथ रहता है। और उसे गांव में कुछ दिन बिताने की बहुत दिनों से इच्छा थी। रमन को दिवाली पर 5 दिन की छुट्टी मिलती है। जिसमें रमन इस बार दिवाली गांव में मनाने की सोचता है।

रमन गांव में आ जाता है, रमन उसी गांव में आता है जिस गांव में पहले उसके माता-पिता रहते थे। लेकिन कुछ कारणों से उन्हें शहर में शिफ्ट होना पड़ा था। इसी गांव में रमन के माता-पिता की जमीन थी और उनका एक छोटा सा घर भी था।

रमन अपने इस गांव के घर में ठहरता है। रमन के पिता के घर ही रमन ने खाना पीना किया था। क्योंकि रमन तो अकेला था तो उसके लिए कौन ही खाना बनाता। गांव के लोग मेहमान नवाजी बहुत अच्छी तरह से करते हैं। अगर उनके घर कोई मेहमान आता है, तो उन्हें बहुत अच्छा लगता है। ऐसे ही रमन को भी उन लोगों की मेहमान नमाजी बहुत पसंद आई थी

रमन के पिता के दोस्त का बेटा रमन का भी दोस्त बन जाता है। और रमन को पूरे गांव की शहर कराता है। दिवाली की रात रमन और उसका नया दोस्त गांव के भ्रमण के लिए निकलते हैं। सर्दी का समय होता है तो हमें ठंड भी बहुत लगती है।

रात के समय रमन को गांव में घूम कर बहुत अच्छा लगता है। वह अपने नए दोस्त को धन्यवाद कहता है कि उसने रमन के लिए टाइम निकाला। तो रमन का दोस्त कहता है कि हमारे गांव में हम सभी की इसी तरह देखभाल करते हैं।

दिवाली के बाद मेला

दिवाली के दो दिन बाद गांव में मेला लगता है जो कि वहां हर साल आयोजित होता है। मेले में बहुत से प्रकार के झूले होते हैं और बहुत खाने-पीने की चीजे होती है।

रमन भी वहां खूब मौज मस्ती करता है। और हर एक झूले में बैठकर झूलो का आनंद लेता है। रमन गांव में आकर बहुत खुश होता है, कि उसे एक नए तरीके से दिवाली मनाने का मौका मिला और गांव के लोगों का लाड प्यार मिला।

अब उसने गांव में तीन दिन बहुत अच्छे से गुजार लिए थे। एक दिन जब रमन गांव के बाहर थोड़ी दूर जाता है तो वहां एक शमशान होता है। रमन तो भूतो में कोई विश्वास नहीं रखता है। लेकिन गांव के लोगों में तो अंधविश्वास होता है।

लोगों का अंधविश्वास गलत नहीं था। रात के समय शमशान से अजीब सी आवाज आती थी। उस गांव के लोग भी डरते थे, इसलिए इस गांव में ज्यादा देर तक रात में लोग बाहर नहीं निकलते थे । जो कोई भी अपना काम करता था वह वापस घर जल्द ही लौट आते थे।

अमन को यह सब चीज पता नहीं थी रमन उन आवाजों से डर जाता है। जल्दी ही अपने गाँव वाले घर पर लौट आता है। रमन को डर के मारे बहुत तेज बुखार हो जाता है। सुबह उसका दोस्त उससे मिलने आता है तो देखा है कि रमन को तो बहुत तेज बुखार है।
जब वह रमन से पूछता है तो रमन उसे रात की पूरी बात बताता है। फिर रमन का दोस्त उसे बताता है कि, उस शमशान में बहुत अजीब सी आवाज आती है। जिस कारण गांव के लोग उस तरफ बहुत कम निकलते हैं।

अब रमन की दिवाली की छुट्टियां भी पूरी हो गई थी। तो रमन शहर वापस लौट जाता है। वहां जाकर अपने माता-पिता को गांव की पूरी अच्छी बातें बताता है और उस घटना के बारे में भी बताता है जो रमन के साथ हुई।

फिर उसके माता-पिता उसे बताते हैं, कि वहां बहुत सालों से ऐसा ही चल रहा है। अब रमन इन सब चीजों से निकल कर वापस शहर में अपने काम पर ध्यान देता है। दिवाली तो अच्छे से मना ही ली थी। तो अब रमन ने अपना पूरा फोकस काम पर डाल दिया था।


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