अमन अपने माता-पिता का इकलौता और लाडला बेटा है। अमन के माता-पिता के पास इतना पैसा नही था, जितना अमन के दोस्तो के माता पिता के पास था। लेकिन अमन को पैसों की कोई कदर नहीं थी। वह एक एक ज़िदी लड़का था।
अमन के माता-पिता के पास ईतना पैसा ना होते हुए भी उन्होंने अमन को एक अच्छे स्टैंडर्ड के स्कूल में पडाया। जहां सिर्फ अमीर लोगों के बच्चे पढ़ते हैं। अमन के माता-पिता चाहते थे कि अमन भी एक अच्छे स्कूल में पढ़े और अच्छी शिक्षा हासिल करे।
पिता की ना सोचना
अब अमन के सारे दोस्त कॉलेज की पढ़ाई करने के लिए विदेश जा रहे थे और अमन को भी विदेश चलने के लिए कह रहे थे। उनके माता-पिता के पास तो बहुत पैसा है, तो उन्हें तो पैसे की कोई चिंता नहीं थी।
लेकिन अमन के पिता के पास इतना पैसा नहीं था कि वह अमन को विदेश भेज सके क्योंकि अगर अमन विदेश में रहेगा तो खर्चा भी बहुत होगा। खर्चे के बारे में सोचकर ही अमन के पिता उसे विदेश जाने के लिए मना कर रहे थे।
अमन को तो कैसे भी करके विदेश जाना था, और वह अपने पिता के पास ज़िद कर रहा था। अमन अपने पिता की स्थिति नहीं समझ रहा था। उसपर तो विदेश जाने का भूत सवार हो गया था।
अमन के पिता ने कैसे भी करके किसी से उधार लेकर अमन को विदेश तो भेज दिया। लेकिन अब उसके वहां रहने का खाने पीने का कॉलेज का खर्चा भी देखना था।
अमन को विदेश गए हुए 5-6 दिन ही हुए थे, और अमन ने अब कॉलेज की फीस मांग ली थी। अमन के पिता को अब कॉलेज फीस की टेंशन हो रही थी। अमन के पिता ने अपनी गाय बेचकर अमन के कॉलेज की फीस भरी।
अमन तो विदेश जाकर अपने माता-पिता को भूल ही गया था । जब भी उसे पैसे की जरूरत होती वह अपने पिता को याद कर लेता लेकिन ऐसे तो वह उनके हाल-चाल भी नहीं पूछता था। अपने दोस्तों के साथ ज्यादा बिजी रहने लग गया था।
विदेश में अय्याशी
अमन के माता-पिता ने तो उसे यह सोचकर एक स्टैंडर्ड स्कूल में पढ़ाया था कि उनका बेटा अच्छे तो तरीके सीखे और अच्छे से पढ़ाई करें लेकिन अमन तो बिल्कुल ही उल्टी राह पर चल रहा था।
अमन विदेश जाकर पढ़ाई के नाम पर अपने दोस्तों के साथ अय्याशी पर उतर गया था। पढ़ाई के नाम पर वह अपने माता-पिता को धोखा दे रहा था और उनके पैसे बर्बाद कर रहा था।
अमन को विदेश की लड़की से प्यार हो गया था। अमन के लिए यह ठीक नहीं था उसके माता-पिता तो इन सब चीजों का अंदाजा भी नहीं लगा सकते थे। अमन एक गांव का लड़का है, और अगर अमन कि यह बात गांव में फैल जाती है तो गांव के लोग अमन के माता-पिता को बहुत बुरा भला सुनाएगे।
लेकिन अमन तो इन सब चीजों से बहुत दूर था तो उसे इन सब चीजों का कोई अंदाजा भी नहीं था। गांव की जिंदगी अमन को पसंद भी नहीं थी। अमन के साथ जो उसके दोस्त थे वह भी अमन को गलत चीज के लिए बढ़ावा देते थे।
अमन उस विदेश की लड़की से ही शादी कर लेता है और विदेश में ही सेटल होने का सोचता है। अपने माता-पिता को बिना बताए ही वह यह शादी करता है। तो अब उसे अपने गांव जाकर मम्मी पापा को तो बताना ही पड़ता।
अमन विदेश से वापस अपने गांव आता है और अपनी पत्नी को भी साथ लेकर आता है। उस विदेश की लड़की को देखकर उसके माता-पिता तो उसे उसकी दोस्त समझते हैं, लेकिन फिर वह उन्हें बताता है कि यह आपकी बहू है।
अमन की बात सुनकर उसके माता-पिता को सदमा लगता है, कि उनके बेटे को विदेश में पढ़ने के लिए भेजा था और वह क्या गुल खिला कर आया है।
अमन के माता-पिता अमन की शादी को मंजूर नहीं करते और उस लड़की को अपनी बहू तो कभी नहीं मान सकते थे। गांव के लोग अमन के बारे में बहुत बुरी बुरी बातें कर रहे थे।
अमन को किसी से कोई फर्क नहीं पड़ता था और वह अपनी पत्नी के साथ वापस विदेश चला जाता है। अमन के माता-पिता तो देखते ही रह जाते हैं, कि उनका बेटा ऐसा भी कर सकता है।
अमन के माता-पिता ने तो अमन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन अमन ने तो अपने माता-पिता के बारे में एक बार भी नहीं सोचा और उन्हें छोड़कर चला गया।
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